5 जून 2021 - 18:05
ईरान, शुरू हो गया महादंगल, खुली डिबेट जारी, ईरान की सड़कों पर पसरा सन्नाटा, प्रत्याशी झोंक रहे हैं पूरी ताक़त...

ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय प्रसारण संस्थाओं द्वारा प्रत्याशियों के प्रचार की मुहिम जारी है जबकि शनिवार को प्रत्याशियों की पहली टीवी डिबेट हो रही है।

ईरान में राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों के बीच पहली टीवी डिबेट शनिवार को ईरान के समय के अनुसार शाम 5 बजे, पाकिस्तान के समय के अनुसार साढ़े 5 बजे और भारत के समयानुसार शाम छह बजे शुरू हो गयी।

यह टीवी डिबेट तीन घंटे तक जारी रहेगी। आईआरआईबी के चैनल-1 और न्यूज़ चैनल से सीधे इसका प्रसारण होगा। इसी के साथ विभिन्न टीवी चैनलों पर प्रत्याशियों को लकी ड्रा द्वारा अपने एजेन्डे और कार्यक्रमों को जनता के सामने रखने का बराबर मौक़ा दिया गया है।

राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी सैयद इब्राहीम रईसी ने आईआरआईबी के चैनल-3 पर देश के युवाओं के साथ बातचीत के कार्यक्रम की रिकार्डिंग के अवसर पर कहा कि सच्चाई पहली चीज़ है जिसकी सरकार से जनता को उम्मीद है। उन्होंने इसी के साथ नैतिक सिद्धांतों की प्रतिबद्धता, न्याय और इंसाफ़ तथा जनता की समस्याओं के हल में बुद्धि और तर्क से काम लेने को अपनी सरकार का एजेन्डा बताया।

ईरान के एक और राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी अमीर हुसैन क़ाज़ाज़ादे हाशमी ने आईआरआईबी न्यूज़ चैनल के एक कार्यक्रम में बेरोज़बारी निवारण, क़ीमतों के कंट्रोल और मंहगाई से मुक़ाबले को अपनी सरकार के आरंभिक कार्यक्रमों में क़रार दिया।

तेरहवें राष्ट्रपति चुनाव के एक और प्रत्याशी अली रज़ा ज़ाकानी ने आईआरआईबी के चैनल-2 के एक कार्यक्रम  विदेशी मुद्रा के मूल्यों के नियंत्रण को अपनी सरकार की मूल योजना बताया। उन्होंने इसी के साथ जनता के कमज़ोर वर्ग के समर्थन पर बल दिया और कहा कि इस वर्ग को देश के पूजीनिवेश में हिस्सा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास गाड़ी नहीं है उन्हें प्रतिमाह 15 लीटर पेट्रोल का मूल्य दिया जाएगा।

ईरान के 13वें राष्ट्रपति चुनाव के अन्य प्रत्याशी अब्दुल नासिर हिम्मती, मोहसिन रेज़ाई, डाक्टर सईद जलीली, मोहसिन मेहर अली ज़ादे इत्यादि ने भी आईआरआईबी के विभिन्न चैनलों पर अपने एजेन्डों और चुनाव में विजयी होने की स्थिति में जनता की समस्याओं को दूर करने के तरीक़ों और मूल कार्यक्रमों और योजनाओं का ब्योरा पेश किया।

ज्ञात रहे कि कोरोना वायरस की वजह से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी कार्यक्रम और रैलियों से बच रहे हैं और अपने चुनावी अभियान राष्ट्रीय प्रसारण संस्था आईआरआईबी के विभिन्न टीवी चैनलों, रेडियो और सोशल मीडिया द्वार चला रहे हैं। आईआरआईबी के चैनलों पर सभी प्रत्याशियों को बराबर समय दिया जा रहा है।